एक प्याली चाय...

एक प्याली चाय, और दो मारी बिस्किट
भूल जाओ सब परेशानी, सारी किटकिट
गरम गरम कांदा भजी, या वडा पाव खाओ
हो चाहे कितने भी गम, तुम सदा मुस्कुराओ

देखो बारिश, वो छत से टपकती बूँदें
खुश रहो, हँसो हँसाओ, उड़ाओ तुम खुशी के परिंदे
फिर से बच्चे बन जाओ, छोडो पानी में कागज़ की नाव
जाने दो उसे, जिस ओर ले जाए पानी का बहाव.

एक प्याली चाय, और दो मारी बिस्किट


Share/Save/Bookmark

2 comments:

sanyukta July 11, 2011 5:33 AM  

beautiful!!! :)

Arti Honrao July 13, 2011 7:55 PM  

TY :)
How are you?

Post a Comment

लिखो कुछ ऐसा के जिससे अपनेपण की खुशबू आये

मुहोब्बत के एहसास को
शब्दों में लिख रही हूँ
दिल की धडकनों की आवाज़
आप सब को सुना रही हूँ

***
एक ख्वाब हूँ मैं टूटा हुआ
एक ज़ख्म खरोंचा हुआ
एक लम्हा गुज़रा हुआ
एक आंसू छलका हुआ
एक एहसास दिल में दबा हुआ
एक ख्याल मन में छिपा हुआ

***
लबों की खामोशी भी
सुनाती है दास्ताँ कोई
हर मुस्कराहट के पीछे
छिपा है अश्क कोई