एक ख्वाब.

एक ख्वाब, छोटासा, अधूरा-सा, टूटा-फूटा, दिल के एक कोने में छिपकर बैठा हुआ. आंसुओं की चादर से ढका हुआ, उम्मीद का दामन थामे रातों को तारे गिनता हुआ ...
आज भी है, पलकों पे सजा हुआ, तारे के टूटने का इन्तेज़ार करता हुआ...


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मुहोब्बत के एहसास को
शब्दों में लिख रही हूँ
दिल की धडकनों की आवाज़
आप सब को सुना रही हूँ

***
एक ख्वाब हूँ मैं टूटा हुआ
एक ज़ख्म खरोंचा हुआ
एक लम्हा गुज़रा हुआ
एक आंसू छलका हुआ
एक एहसास दिल में दबा हुआ
एक ख्याल मन में छिपा हुआ

***
लबों की खामोशी भी
सुनाती है दास्ताँ कोई
हर मुस्कराहट के पीछे
छिपा है अश्क कोई