खेल रही है आँख-मिचौली मुझसे,
तेरी यादें आती-जाती.
रुलाये कभी मुझको, कभी हसाती हैं,
तेरी यादें आती-जाती.
पलभर को ठहरके, बीते ज़माने का एहसास दिलाती,
तेरी यादें आती-जाती.
तुझे पीछे छोड़ हम चल पड़े थे नयी राह पर -
फिर क्यूँ सताती हैं, तेरी यादें आती-जाती?

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लिखो कुछ ऐसा के जिससे अपनेपण की खुशबू आये